महा भ्रष्टाचार बारिश के बीच तालाब खुदाई पर बढ़ी चिंता
- स्थानीय स्तर पर सवाल यह उठ रहा है कि लगातार बारिश के दौरान जिन तालाबों में पानी भरने की स्थिति बन रही है, वहां मनरेगा के तहत दर्ज खुदाई कार्य वास्तव में किस स्तर पर हुआ है। क्या पोर्टल पर दर्ज मजदूरों ने वास्तव में मौके पर काम किया या केवल कागजी प्रक्रिया पूरी की गई? इसका जवाब स्थलीय सत्यापन और मस्टर रोल की जांच से ही स्पष्ट हो सकता है।
मनरेगा में ग्राम प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक और संबंधित तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पोर्टल पर दर्ज आंकड़े और धरातल की स्थिति एक-दूसरे से मेल खाते हैं या नहीं।
एपीओ महमूदाबाद ने कहा—जांच कराई जाएगी
एपीओ महमूदाबाद से इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
एपीओ एलिया ने भी जांच की बात कही
एपीओ एलिया से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि मामला जानकारी में आया है और प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
अब देखना यह है कि संबंधित विभाग की जांच मौके पर पहुंचकर होती है या मामला केवल कागजी जांच तक सीमित रह जाता है। जांच के बाद ही सामने आएगा कि मनरेगा के पोर्टल पर दर्ज मजदूरों और कार्यों की स्थिति धरातल पर कितनी सही है।
रिपोर्ट: पवन कुमार सिंह