रंगीन मिठाइयां, संदिग्ध पेय पदार्थ और कटे-सड़े फल बिकने के आरोप—कौन करेगा जांच?
कैराना। नगर के बाजारों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। रंगों से तैयार मिठाइयों, संदिग्ध पेय पदार्थों और कटे-सड़े फलों की बिक्री के आरोपों के बीच सबसे बड़ा सवाल खाद्य सुरक्षा विभाग और खाद्य निरीक्षक की सक्रियता पर उठ रहा है।
क्या बाजार में बिक रही खाद्य सामग्री की नियमित जांच हो रही है?
क्या संदिग्ध मिठाइयों और खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं?अगर जांच हुई है तो उसकी रिपोर्ट क्या है?
और अगर शिकायतें सामने आ रही हैं तो खाद्य निरीक्षक मौके पर क्यों नहीं दिखाई दे रहे?
जनता के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मामले में लोगों की मांग है कि खाद्य विभाग औचक निरीक्षण कर सैंपलिंग कराए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी होनी चाहिए।
जनता पूछ रही है—खाद्य निरीक्षक की जिम्मेदारी आखिर कौन निभाएगा?
खाद्य सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि बाजार में दिखाई भी दे—अब लोगों की निगाहें खाद्य विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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