हिंदी दिवस के उपलक्ष मे भास्कर कॉलेज ऑफ एजुकेशन में कार्यक्रम आयोजित
शामली। हिंदी दिवस के उपलक्ष में भास्कर कॉलेज ऑफ एजुकेशन, कैराना, जिला शामली में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमितेश कुमार शर्मा, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं ने हिंदी भाषा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का मंच संचालन बलजीत कौर जी ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना “हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें उतार देना” से हुआ, जिसे छात्राओं सोहा अली , शहजादी एवं सुहानी ने प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर शिक्षक सोनू खान जी ने कहा कि हिंदी हमारी भावनाओं और विचारों को सहजता से व्यक्त करने वाली भाषा है। हमें हिंदी को अपनी संस्कृति और विरासत के अभिन्न हिस्से के रूप में सम्मान देना चाहिए। शिवम कसाना जी ने कहा कि हिंदी भारत की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने वाली महत्वपूर्ण भाषा है। अन्य भाषाओं का ज्ञान आवश्यक है, लेकिन अपनी हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और गौरव की भावना हमेशा बनी रहनी चाहिए। डॉ. मेहरदीन मलिक जी ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और पहचान को आगे बढ़ाने का माध्यम भी है।
छात्र अल्तमस ने कहा कि आज अंग्रेजी एवं अन्य भाषाओं का प्रभाव बढ़ रहा है। अनेक भाषाओं का ज्ञान होना अच्छी बात है, लेकिन अपनी मातृभाषा के प्रति सम्मान बनाए रखना भी हमारा परम कर्तव्य है। छात्रा सोहाली ने हिंदी को सामाजिक एवं सांस्कृतिक सेतु बताते हुए सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं। खुशी ने अपनी भावनाओं को पंक्तियों के माध्यम से व्यक्त करते हुए कहा—
“लिपट जाता हूँ माँ से तो मौसी मुस्कुराती है,
मैं उर्दू में ग़ज़ल गाता हूँ, हिंदी मुस्कुराती है।”
कार्यक्रम में आज़म, आदिल, अनम, आशीष, मिसरार, रजिया, सोहा, अनिल, सुनील, विमल सहित अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने हिंदी भाषा के प्रति अपने सम्मान और प्रेम को व्यक्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य डॉ. अमितेश कुमार शर्मा ने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति, संस्कार और भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी के सम्मान, संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।